भक्ति साहित्य में राम नाम हनुमान के बिना न चलता हो मगर राजनीति की बिसात पर बरसों से ‘जय श्री राम’ के नारों के बीच पवनपुत्र हनुमान की बात नहीं होती थीfrom Latest News देश Firstpost Hindi https://ift.tt/2P9tFnT
भक्ति साहित्य में राम नाम हनुमान के बिना न चलता हो मगर राजनीति की बिसात पर बरसों से ‘जय श्री राम’ के नारों के बीच पवनपुत्र हनुमान की बात नहीं होती थी
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