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Wednesday, 1 January 2020

यूपी में मृतक आश्रित की नियुक्ति में पद नहीं आएगा आड़े

लखनऊ बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत पढ़ाने वाले शिक्षकों की सेवाकाल के दौरान असामयिक मृत्यु पर उनके आश्रितों की सम्मानजनक नौकरी में अक्सर पद की कमी आड़े आ जाती है। विभाग ने इस समस्या का समाधान निकालने की कवायद शुरू कर दी है। मृतक आश्रित की स्थिति में तृतीय श्रेणी के पदों पर अधिसंख्य (पद खाली न रहने पर भी) नियुक्ति की तैयारी है। जल्द ही इसका आदेश जारी हो सकता है। प्राइमरी शिक्षक की सेवाकाल में मृत्यु हो जाती है तो उसका आश्रित अगर शिक्षक बनने की अहर्ता पूरी करता है तो उसकी नियुक्ति शिक्षक के तौर पर होती है। वहीं, शिक्षक बनने की न्यूनतम योग्यता नहीं है तो तृतीय श्रेणी में क्लर्क के पद पर या चतुर्थ श्रेणी में अनुचर के पद पर नियुक्ति होती है। क्लर्क की न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएट है, इसलिए अक्सर मृतक के आश्रित इस योग्यता को पूरी करते दिखते हैं। लेकिन जिलों में तृतीय श्रेणी के पद खाली न होने के चलते अक्सर चतुर्थ श्रेणी में मृतक आश्रित को समायोजन के लिए मजबूर होना पड़ता है। कार्मिक विभाग ने भी दी प्रस्ताव पर सहमति! बेसिक शिक्षा मंत्री स्वतंत्र प्रभार सतीश चंद्र द्विवेदी ने मृतक आश्रितों के सम्मानपूर्ण समायोजन के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया था। इसके बाद विभाग ने यह प्रस्ताव तैयार किया है कि अगर तृतीय श्रेणी का पद खाली नहीं है तो अधिसंख्य पद पर उन्हें नियुक्ति दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार कार्मिक विभाग ने भी इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इसे मृतक आश्रित को पद के अभाव में चतुर्थ श्रेणी में समायोजित होने पर मजबूर नहीं होगा पड़ेगा। जल्द ही इसका शासनादेश जारी हो जाएगा। प्रमोशन में फंस रहा पेच सूत्रों के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग ने मृतक आश्रित के अधिसंख्य पद पर नियुक्ति के साथ यह भी प्रस्ताव बनाया था कि अगर किसी की मृतक आश्रित कोटे में अनुचर या तृतीय श्रेणी के पद पर नियुक्ति हुई है तो शिक्षक बनने की अर्हता पूरी करने पर उसे शिक्षक के पद पर नियुक्ति दी जाए। कार्मिक विभाग ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि यह पुनर्नियुक्ति के समान है और एक ही प्रकरण में दो बार लाभ नहीं दिया जा सकता। हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि यह पनुर्नियुक्ति नहीं प्रोन्नति के समकक्ष है। विभाग जल्द ही इस आपत्ति का जवाब तैयार कर कार्मिक विभाग को भेजेगा।


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